इस पवित्र रिश्ते रुपि गाड़ी के पति और पत्नी दोनों ही पहिये होते है। दोनों में परस्पर संतुलन होने पर ही गाड़ी लगातार चलती रहेगी अन्यथा संतुलन बिगड़ते ही गाड़ी रुक जाएगी।
हमारे यहां पर(भारत ) शादी के बाद लड़की को अपना घर छोड़ कर लड़के के घर उसके परिवार के साथ रहना होता है। शादी एक वयस्कता में होने वाली परम्परा है। शादी के बाद लड़की का एक नया जन्म होता हे अपने पति के घर। जहां वो बच्ची के रूप में नहीं बल्कि एक व्यस्क लड़की के रूप में जन्म लेती हे। अब उसे उस परिवार के साथ रहना होगा जिसके साथ उसका कोई रक्त सम्बद्ध नहीं है।
इस सात जन्मों के पवित्र बंधन को रखने के लिए और रिश्तों में और गहनता बनाये रखने के लिए पति पत्नी दोनों को ही कुछ मुद्दों पर परस्पर समझदारी दिखानी बहुत जरूरी है :-
1. एक दूसरे को ज्यादा समय देना :-
नई हुई शादी में एक दूसरे को समझना बहुत जरूरी होता है क्योंकि एक दूसरे को समझे बिना दोनों के लिए आगे चलना मुश्किल हो सकता हे। इसके लिए दूसरे को ज्यादा समय दें। एक दूसरे कि पसंद को समझे। मिलकर अपने आने वाली जीवन की योजनाए बनाये। एक दूसरे को शामिल करे।
2. एक दूसरे का सम्मान करें :-
ससुराल में पत्नी का सम्मान पति पर निर्भर करता है। अगर पति ही पत्नी की इज्जत नहीं करेगा तो ससुराल में पत्नी की कोई इज्जत नहीं करेगा। पत्नी के कार्यो का सम्मान करना,उसे जो नहीं आता हे ससुराल के अनुसार उसे वो सब बताना। ससुराल में पति ही पत्नी का सबसे अच्छा और विश्वसनीय टीचर होता है।
पति-पत्नी बनने के साथ साथ एक दूसरे को एक दूसरे का सच्चा दोस्त बनने का मौका भी मिलता है। हम एक दूसरे के अच्छे दोस्त भी बन सकते है और मेरा अनुभव तो ये कहता हे की हम दोस्त बन कर ज्यादा खुशहाल जीवन जी सकते है।
3. एक दूसरे के व्यक्तिगत जीवन को समझना :-
शादी से पहले एक दूसरे का अपना अपना व्यकितगत जीवन रहा होता हे। जब कभी भी मन मुटाऊ की स्थिति आये तो थोड़ा डिस्टेंस जरूर बनाये। अपने दोस्तों से बाते जरूर करे। ऐसा करने से हो सकता हे आपको अपनी समस्या का कोई उचित समाधान जरूर मिल जाये। दोस्तों से बात करना एक दूसरे को बुरा नहीं चाहिए क्योंकि हर कोई हर किसी के सामने अपनी बात नहीं कह पाता है।
4. पास्ट(अतीत) से परहेज करें :-
चूकि अब आप एक दूसरे के साथ शादी के बंधन में बँध चुके हे ओर एक दूसरे को समझ भी रहे हे। एक दूसरे कि केयर भी कर रहे हे। इस सब को बनाये रखने के लिए बेहतर होगा की आप अपने अपने अतीत को समाप्त करे। ऐसी कोई भी घटना या बात आप दोनों के बीच नहीं आनी चाहिए जिससे आप दोनों एक दूसरे की नजरो में एक दूसरे का सम्मान ही खो दें। इस विषय पर दोनों को ही समझदारी दिखानी चाहिए।
5. भरोसा करें :-
एक दूसरे की बात पर भरोसा करे। यदि किसी कारण से आप दोनों ने किसी एक का भी भरोसा खो दिया तो फिर थोड़ी मुस्किले आनी शुरू हो जाती हे। बेहतर होगा की उन सब चीजों से बचे जिनकी वजह से एक दूसरे से भरोसा ख़तम होने वाला हो।
6. एक दूसरे से ज्यादा उम्मीदे न रखें :-
एक दूसरे की सीमा को समझने का प्रयास जरूर करें हो सकता हे जिस काम में आप निपुण हो आपका साथी उस काम में उतना निपुण न हो। या हो सकता हे उनकी उस काम में बिलकुल भी इच्छा न हो। अपने बारे ज्यादा सोचे कि आप उस काम को कैसे बेहतर कर सकते है बजाए इसके जैसा आप कर रहे वैसा ही आपका पार्टनर भी करे। ज्यादा उम्मीदे आपको नकारात्मकता की और ले जाएँगी।
7. प्यार दिखाये:-
एक दूसरे के प्रति प्यार जाहिर करे। एक दूसरे की छोटी छोटी चीजों का खयाल रखे। जैसे जन्मदिन मनाये , सालगृह मनाये। अपने किये हुए वादे पुरे करें।
8. माह में के बार कही भी घूमने जरूर जायें। इन पलों को खुलकर एन्जॉय करें। इन्हें यादगार पल बनाये।
दोस्तों ये कुछ नियम हे जिनको अपना कर आप अपने रिश्ते बेहतर कर सकते है। अगर आपके पास इससे सम्बंधित और ज्यादा जानकारी हो तो आप हमे लिख सकते है और हा अपने कमेंट जरूर करें।
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